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गाद-हंजियों को वित्तीय सहायता योजना

1.योजना का परिचय ( Introduction Of The Scheme ) : गाद-हंजियों को वित्तीय सहायता योजना

2.उद्देश्य ( objective ) :

“गाद-हंजियों को वित्तीय सहायता योजना” में, समाज कल्याण विभाग द्वारा लाइसेंस प्राप्त मछुआरों (गाड-हंजियों) को नायलॉन सुतली की खरीद के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। लाभार्थी को आवेदन जमा करने के लिए संबंधित जिला समाज कल्याण अधिकारी (DSWO) से संपर्क करना होगा। यह 100% राज्य प्रायोजित योजना है, और केवल जम्मू और कश्मीर राज्य के स्थायी निवासी ही इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।

3.मुख्य लाभ ( main benefits ) :

नायलॉन सुतली की खरीद के लिए वित्तीय सहायता निम्नलिखित दरों पर स्वीकृत की जाएगी

1. ₹ 50/- शुल्क का भुगतान करने वाले लाइसेंस धारक: ₹ 500/-.

2. जिन लाइसेंस धारकों ने ₹ 40/- का शुल्क अदा किया है: ₹ 400/-.

3. ₹ 30/- शुल्क का भुगतान करने वाले लाइसेंस धारकों के लिए ₹ 300/-.

4. ₹ 20/- शुल्क का भुगतान करने वाले लाइसेंस धारकों के लिए ₹ 200/-.

4.लक्ष्यित दर्शक ( target audience ) :

लाभार्थी : लाइसेंस प्राप्त मछुआरे (गाद-हंजी)

5.पात्रता मानदंड ( eligibility criteria ) :

A.आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए।

B.आवेदक को मत्स्य विभाग द्वारा पिछले तीन वर्षों से C.लगातार लाइसेंस प्राप्त गद-हंजी (मछुआरा) होना चाहिए।

D.आवेदक की वार्षिक आय ₹ 3,600/- से अधिक नहीं होनी चाहिए।

E.आवेदक को पिछले दो वर्षों के दौरान इस योजना के अंतर्गत कोई सहायता प्राप्त नहीं हुई होनी चाहिए।

6.आवश्यकताएँ ( requirements ) :

आवश्यक दस्तावेज

1.जम्मू और कश्मीर राज्य/संघ राज्य क्षेत्र का आवासीय प्रमाण पत्र/निवास प्रमाण पत्र

2.मत्स्य विभाग, जम्मू और कश्मीर सरकार द्वारा मछुआरा लाइसेंस

3.तीन पासपोर्ट आकार का फोटो (हस्ताक्षरित)।

4.आधार कार्ड.

5.बैंक खाते का विवरण (बैंक का नाम, शाखा का नाम, पता, आईएफएससी, आदि)।

6.आय प्रमाण पत्र (निर्धारित प्रपत्र में राजस्व अधिकारी से, जो तहसीलदार के पद से नीचे न हो या राजपत्रित अधिकारी / प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट द्वारा सत्यापित शपथ पत्र या केन्द्र / राज्य सरकार के राजपत्रित अधिकारी या संसद / राज्य विधानमंडल के सदस्य से प्रमाण पत्र) जिसमें परिवार की सभी स्रोतों से मासिक आय दर्शाई गई हो।

7.उम्र का सबूत।

8.जिला समाज कल्याण कार्यालय द्वारा अपेक्षित कोई अन्य दस्तावेज।

7.आवेदन प्रक्रिया ( application process ) :

ऑफलाइन

चरण 1: जिला समाज कल्याण कार्यालय जाएँ, और फॉर्मेट की हार्ड कॉपी का अनुरोध करें।आवेदन फार्मसंबंधित प्राधिकरण से योजना के लिए आवेदन पत्र प्राप्त करना होगा।

चरण 2: आवेदन पत्र में सभी अनिवार्य फ़ील्ड भरें, पासपोर्ट आकार की तस्वीर (हस्ताक्षरित) चिपकाएं, और सभी (स्व-सत्यापित) अनिवार्य दस्तावेज़ संलग्न करें।

चरण 3: विधिवत भरे और हस्ताक्षरित आवेदन पत्र को दस्तावेजों के साथ जमा करें।जिला समाज कल्याण अधिकारी.

चरण 4: जिला समाज कल्याण कार्यालय से आवेदन पत्र के सफलतापूर्वक जमा होने की रसीद/पावती प्राप्त करें।

आवेदन-पश्चात की प्रक्रियाएँ:

चरण 1: आवेदक द्वारा विधिवत पूर्ण आवेदन प्राप्त होने पर, जिला कल्याण अधिकारी सूची को समेकित करेंगे और उसे जिला स्तरीय स्वीकृति समिति को भेजेंगे।

चरण 2: जिला स्तरीय स्वीकृति समिति मामलों पर विचार करेगी और जिला समाज कल्याण अधिकारी को एक माह के भीतर उचित आदेश जारी करेगी।

चरण 3: समिति के अनुमोदन के आधार पर, डीएसडब्ल्यूओ स्वीकृत लाभार्थियों के बीच आगे वितरण के लिए वित्तीय सहायता के अनुदान को मंजूरी जारी करेगा।

आवेदन की स्थिति जांचें

योजना की आवेदन स्थिति के बारे में जिला समाज कल्याण अधिकारी (डीएसडब्ल्यूओ) से संपर्क किया जा सकता है।

8.वेबसाइट लिंक ( website link ) :

https://jksocialwelfare.nic.in

 9.आधिकारिक स्रोतों के लिंक ( official website link ) :

https://socialwelfarekashmir.jk.gov.in/FAGH.html

10. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न ( FAQs ) :

Q.1 इस योजना में किस प्रकार के लाभ प्रदान किये जाते हैं?

Ans.इस योजना में लाइसेंस प्राप्त मछुआरों (गाड़-हंजियों) को डोरी की खरीद के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।

Q.2 डोरी किस सामग्री से बनी होगी?

Ans.डोरी नायलॉन से बनी होगी।

Q.3 एक लाइसेंस प्राप्त मछुआरे को, जिसने ₹ 50/- का शुल्क अदा किया है, कितनी वित्तीय सहायता दी जाएगी?

Ans.₹ 500/- उस लाइसेंसधारी मछुआरे को दिया जाएगा जिसने ₹ 50/- का शुल्क अदा किया है।

Q.4 “गाड-हंजी” का क्या अर्थ है?

Ans.”गाड-हंजी” का अर्थ “मछुआरा” है।

Q.5 आय प्रमाण पत्र में क्या विवरण दर्शाना आवश्यक है?

Ans.आय प्रमाण पत्र में परिवार की सभी स्रोतों से मासिक आय का उल्लेख होना चाहिए।

Q.6 इस योजना के माध्यम से अधिकतम कितनी वित्तीय सहायता प्राप्त की जा सकती है?

Ans.इस योजना के माध्यम से प्राप्त की जा सकने वाली वित्तीय सहायता की अधिकतम राशि ₹500/- है।

Q.7 इस योजना के लक्षित लाभार्थी कौन हैं?

Ans.इस योजना के लक्षित लाभार्थी लाइसेंस प्राप्त मछुआरे (गाद-हंजी) हैं।

Q.8 क्या जम्मू और कश्मीर राज्य का आवासीय प्रमाण पत्र / अधिवास प्रमाण पत्र इस योजना के लिए अनिवार्य दस्तावेज है?

Ans.हां, इस योजना के लिए जम्मू और कश्मीर राज्य का आवासीय प्रमाण पत्र / अधिवास प्रमाण पत्र एक अनिवार्य दस्तावेज है।

Q.9 क्या यह राज्य वित्त पोषित या केन्द्र वित्त पोषित योजना है?

Ans.यह 100% राज्य वित्तपोषित योजना है।

Q.10 क्या कोई आवेदन शुल्क है?

Ans.नहीं, सम्पूर्ण आवेदन प्रक्रिया पूर्णतः निःशुल्क है।

Q.11 क्या योजना के लाभ के वितरण में देरी के लिए कोई मुआवजा है?

Ans.नहीं, योजना के दिशा-निर्देशों में ऐसा कोई उल्लेख नहीं है।

Q.12 मैं कैसे जान सकता हूँ कि आवेदन पत्र में कोई फ़ील्ड अनिवार्य है या नहीं?

Ans.अनिवार्य फ़ील्ड के अंत में एक तारांकन (*) चिह्न होता है।

Q.13 क्या पड़ोसी राज्यों के आवेदक भी इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं?

Ans.नहीं, केवल जम्मू और कश्मीर राज्य के स्थायी निवासी ही आवेदन करने के पात्र हैं।

Q.14 मैं योजना के दिशा-निर्देशों का लिंक कहां पा सकता हूं?

Ans.योजना के दिशानिर्देश इस लिंक पर देखे जा सकते हैं – https://socialwelfarekashmir.jk.gov.in/FAGH.html

Q.15 जम्मू और कश्मीर सरकार के समाज कल्याण विभाग का पता क्या है?

Ans. https://jksocialwelfare.nic.in/

Q.16 क्या इस योजना के लिए कोई आय-संबंधी मानदंड है?

Ans.आवेदक की पारिवारिक आय ₹ 3,600/- प्रति माह से कम होनी चाहिए।

Q.17 मैं आवेदन पत्र का प्रारूप कहां पा सकता हूं? क्या यह ऑनलाइन उपलब्ध है?

Ans.आपको जिला समाज कल्याण कार्यालय जाना होगा और संबंधित प्राधिकारी से योजना के लिए आवेदन पत्र के प्रारूप की हार्ड कॉपी मांगनी होगी।

Q.18 इस योजना का प्रबंधन कौन सा विभाग करता है?

Ans.इस योजना का प्रबंधन जम्मू और कश्मीर सरकार के समाज कल्याण विभाग द्वारा किया जाता है।

Q.19 क्या यह योजना ऑनलाइन आवेदन स्वीकार करती है?

Ans.नहीं, यह योजना केवल ऑफलाइन आवेदन स्वीकार करती है।

Q.20 क्या यह योजना “एक परिवार, एक लाभ” योजना है?

Ans.नहीं, योजना के दिशा-निर्देशों में ऐसा कोई उल्लेख नहीं है।

Q.21 क्या यह योजना राज्य प्रायोजित है या केन्द्र प्रायोजित?

Ans.यह योजना 100% राज्य प्रायोजित योजना है।

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